लिखू…

कुछ जीत लिखू या हार लिखूँ;
या दिल का सारा प्यार लिखूँ;

कुछ अपनो के ज़ाज़बात लिखू या सापनो की सौगात लिखूँ;
मै खिलता सुरज आज लिखू या चेहरा चाँद गुलाब लिखूँ;

वो डूबते सुरज को देखूँ या उगते फूल की सान्स लिखूँ;
वो पल मे बीते साल लिखू या सादियो लम्बी रात लिखूँ;

सागर सा गहरा हो जाॐ या अम्बर का विस्तार लिखूँ;
मै तुमको अपने पास लिखू या दूरी का ऐहसास लिखूँ;

वो पहली -पाहली प्यास लिखूँ या निश्छल पहला प्यार लिखूँ;
सावन कि बारिश मेँ भीगूँ या मै आन्खो की बरसात लिखूँ;

कुछ जीत लिखू या हार लिखूँ;
या दिल का सारा प्यार लिखूँ

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JOHN KEATS.

It's better to loose your Ego to the one you Love, than to loose the one you LOVE because of EGO.

 

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